“लिंगराज सर्व्हिसेस” द्वारा प्रस्तुत जानकारी
जल अभिषेक पूजा एक पवित्र अभिषेक विधि है, जिसमें भगवान लिंगराज के दिव्य शिवलिंग पर जल (पानी) अर्पित किया जाता है। हिंदू परंपरा के अनुसार जल (पानी) को अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली माना जाता है, इसलिए शिव उपासना में यह एक अनिवार्य तत्व है। इस पूजा में शिवलिंग पर पुष्प (फूल) अर्पित करने का भी समावेश होता है। फूल भक्ति, पवित्रता, श्रद्धा और दैवी प्रेम के प्रतीक माने जाते हैं, और ऐसा विश्वास है कि इनके अर्पण से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। लिंगराज मंदिर में यह अभिषेक केवल अधिकृत मंदिर पंडितों द्वारा ही, पारंपरिक वैदिक विधियों का कठोरता से पालन करते हुए किया जाता है।
नीचे लिंगराज मंदिर के अधिकृत गुरुजियों की प्रोफ़ाइल दी गई हैं, जिन्हें परंपरा के अनुसार यह पूजा संपन्न करने का धार्मिक अधिकार प्राप्त है।
लिंगराज मंदिर, भुवनेश्वर, ओडिशा। यह पवित्र पूजा गर्भगृह में संपन्न की जाती है। विधि के दौरान श्रद्धालुओं को दिव्य शिवलिंग को स्पर्श करने की अनुमति होती है।
सभी पूजा सामग्री दक्षिणा में सम्मिलित है।
प्रातः (सुबह): 06:00 से 09:30 बजे तक
दोपहर: 02:00 से 04:00 बजे तक
विशेष अवधि: 09:00 से 02:00 बजे तक (25 दिसंबर 2025 – 15 जनवरी 2026)
प्रातः 5:00 से 9:00 बजे तक
लगभग 4 से 5 मिनट
अधिकतम 2 वयस्क व्यक्ति प्रति बुकिंग
पंडितजी दक्षिणा ₹1,297/- (इसमें गुरुजी का मानधन / दक्षिणा तथा पूजा सामग्री सम्मिलित है)
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