“लिंगराज सर्व्हिसेस” द्वारा प्रस्तुत जानकारी
पंचामृत अभिषेक पूजा भगवान शिव के लिए की जाने वाली एक पवित्र हिंदू धार्मिक विधि है, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के जाप के साथ पवित्र शिवलिंग पर पाँच दिव्य द्रव्यों से अभिषेक किया जाता है। पंचामृत शब्द पंच (पाँच) और अमृत (अमृततुल्य रस) इन शब्दों से बना है, और यह आध्यात्मिक पवित्रता तथा दैवी पोषण का प्रतीक है। भुवनेश्वर स्थित पूजनीय लिंगराज मंदिर में पंचामृत अभिषेक करना अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक दृष्टि से लाभदायक माना जाता है।
लिंगराज मंदिर में पंचामृत अभिषेक पूजा पारंपरिक वैदिक विधियों का पालन करते हुए की जाती है। भक्तों (यजमान) के नाम से संकल्प किया जाता है। इसके बाद मंत्रोच्चार के जाप के साथ शिवलिंग पर पानी, दूध, दही, शहद, घी और चीनी से अभिषेक किया जाता है। तत्पश्चात मंदिर के गुरुजी द्वारा आरती की जाती है। अंत में प्रार्थना और आशीर्वाद के साथ पूजा संपन्न होती है।
नीचे लिंगराज मंदिर के अधिकृत गुरुजी के प्रोफाइल दिए गए हैं, जिन्हें चयनित तिथियों के अनुसार परंपरा के अनुरूप यह पूजा करने का धार्मिक अधिकार प्राप्त है।
लिंगराज मंदिर, भुवनेश्वर, ओडिशा
सभी आवश्यक पूजा सामग्री दक्षिणा में शामिल है।
दूध, दही, शहद, चीनी, घी, पानी, फूल, फल और मिठाई
प्रातःकाल: 06:00 से 09:30
दोपहर: 02:00 से 04:00
प्रातः 5:00 से 9:00
लगभग 10 से 15 मिनट
प्रत्येक बुकिंग के लिए 2 वयस्क व्यक्ति प्रति बुकिंग
गुरुजी की दक्षिणा : ₹2,497/- (इसमें गुरुजी की दक्षिणा/मानधन और पूजा सामग्री शामिल है)
टिप्पणी: किसी भी प्रकार की अतिरिक्त दक्षिणा न दें
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