FAQ's

“लिंगराज सर्व्हिसेस” द्वारा प्रस्तुत जानकारी


प्रश्न १. लिंगराज मंदिर भुवनेश्वर में कहाँ स्थित है?
लिंगराज मंदिर रथ रोड, लिंगराज नगर, ओल्ड टाउन, भुवनेश्वर, ओडिशा (७५१००२) में स्थित है। यह शहर का सबसे बड़ा और पवित्र मंदिर है, जो भगवान हरिहर को समर्पित है, जो भगवान विष्णु और भगवान शिव का संयुक्त रूप हैं।
प्रश्न २. लिंगराज मंदिर का महत्व क्या है?
लिंगराज मंदिर का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है क्योंकि यहाँ भगवान शिव की हरिहर रूप में पूजा की जाती है। यह ओडिशा के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है और कलिंग शैली की वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।
प्रश्न ३. लिंगराज मंदिर का निर्माण किसने किया था?
लिंगराज मंदिर का मुख्य निर्माण ११वीं शताब्दी में सोमवंशी राजा जाजाती केशरी द्वारा किया गया था। बाद के काल में अन्य शासकों ने भी इसमें योगदान दिया।
प्रश्न ४. भुवनेश्वर में लिंगराज मंदिर क्यों जाना चाहिए?
लिंगराज मंदिर की यात्रा आध्यात्मिकता, इतिहास और वास्तुकला का अद्भुत अनुभव प्रदान करती है। यह केवल पूजा स्थल ही नहीं, बल्कि भुवनेश्वर की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है।
प्रश्न ५. लिंगराज मंदिर का इतिहास क्या है?
लिंगराज मंदिर का निर्माण ११वीं शताब्दी में हुआ था और यहाँ एक स्वयंभू शिवलिंग स्थापित है। यह शिवलिंग लगभग ८ फुट व्यास और ८ इंच ऊँचा माना जाता है। लगभग १८० फुट ऊँचा यह मंदिर महाशिवरात्रि, अशोकाष्टमी और चंदन यात्रा जैसे उत्सवों के लिए प्रसिद्ध है।
प्रश्न ६. लिंगराज मंदिर के खुलने और बंद होने का समय क्या है?
मंदिर प्रतिदिन सुबह ५:०० बजे खुलता है और रात ९:३० बजे अंतिम आरती के बाद बंद हो जाता है। दोपहर १२:०० से ३:०० बजे तक मंदिर बंद रहता है।
प्रश्न ७. लिंगराज मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?
महाशिवरात्रि और चंदन यात्रा के दौरान मंदिर जाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इसके अलावा अक्टूबर से फरवरी तक का शीतकालीन मौसम यात्रा के लिए सबसे उपयुक्त होता है।
प्रश्न ८. लिंगराज मंदिर भुवनेश्वर का प्रमुख पर्यटन स्थल क्यों है?
लिंगराज मंदिर अपनी आध्यात्मिक महत्ता, भव्य वास्तुकला और महाशिवरात्रि, अशोकाष्टमी व चंदन यात्रा जैसे उत्सवों के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता है।
प्रश्न ९. लिंगराज मंदिर में कौन-कौन सी आरतियाँ होती हैं?
लिंगराज मंदिर में मंगला आरती, अबकाश, सुबह धूपा, मध्याह्न धूपा, संध्या धूपा और रात्रि बदसिंहार आरती की जाती है।
प्रश्न १०. क्या दोपहर के समय भक्त मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं?
नहीं, मंदिर प्रतिदिन दोपहर १२:०० से ३:०० बजे तक बंद रहता है।
प्रश्न ११. लिंगराज मंदिर की दैनिक आरती और पूजा विधियों का समय क्या है?
मंगला आरती: सुबह ५:३० – ६:००
अबकाश विधि: ६:०० – ७:००
सुबह धूपा: ८:०० – ९:००
मध्याह्न धूपा: ११:३० – १२:००
संध्या धूपा: ६:३० – ७:००
बदसिंहार (रात्रि आरती): ९:०० – ९:३०
प्रश्न १२. लिंगराज मंदिर के पास कौन-कौन से पर्यटन स्थल देखे जा सकते हैं?
बिंदु सागर तालाब (०.२ कि.मी.)
मुक्तेश्वर मंदिर (२ कि.मी.)
राजाराणी मंदिर (२ कि.मी.)
उदयगिरी और खंडगिरी गुफाएँ (१० कि.मी.)
नंदनकानन प्राणी उद्यान (२० कि.मी.)
प्रश्न १३. लिंगराज मंदिर के मुख्य भाग कौन-से हैं?
लिंगराज मंदिर में गर्भगृह, यज्ञशाला, भोग मंडप और नाट्यशाला—ये चार मुख्य भाग हैं। यहाँ भगवान शिव के साथ भगवान विष्णु की सालिग्राम रूप में पूजा की जाती है।
प्रश्न १४. लिंगराज मंदिर की स्थापना किसने की थी?
११वीं शताब्दी में सोमवंशी शासक राजा जाजति केशरी ने लिंगराज मंदिर की स्थापना की थी।
प्रश्न १५. भुवनेश्वर में लिंगराज मंदिर कैसे पहुँचा जा सकता है?
मंदिर शहर के केंद्रीय क्षेत्र में स्थित है। हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से ऑटो, बस और टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं।
प्रश्न १६. लिंगराज मंदिर जाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की अनुमति नहीं है। सभ्य वस्त्र पहनना अनिवार्य है।
प्रश्न १७. लिंगराज मंदिर में कौन-कौन से पर्व मनाए जाते हैं?
महाशिवरात्रि, अशोकाष्टमी रथ यात्रा और चंदन यात्रा प्रमुख पर्व हैं।
प्रश्न १८. क्या मंदिर में विशेष भोग अर्पण किया जाता है?
हाँ, प्रतिदिन सुबह ११:३० से १२:०० बजे के बीच भगवान लिंगराज को विशेष भोग अर्पित किया जाता है।
प्रश्न १९. क्या लिंगराज मंदिर में प्रवेश शुल्क लगता है?
नहीं, लिंगराज मंदिर में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क है।
प्रश्न २०. क्या मंदिर के लिए कोई ड्रेस कोड है?
पुरुषों को धोती या कुर्ता-पायजामा तथा महिलाओं को साड़ी या सलवार-सूट पहनने की सलाह दी जाती है। शॉर्ट्स और स्कर्ट की अनुमति नहीं है।
प्रश्न २१. निकटवर्ती पर्यटन स्थलों का समय और प्रवेश शुल्क क्या है?
बिंदु सागर तालाब: निःशुल्क
मुक्तेश्वर मंदिर: निःशुल्क
राजाराणी मंदिर: ₹२५ / ₹२५०
उदयगिरी–खंडगिरी गुफाएँ: ₹२५ / ₹२५०
नंदनकानन प्राणी उद्यान: निःशुल्क (सोमवार बंद)
प्रश्न २२. लिंगराज मंदिर के निकटतम रेलवे स्टेशन कौन-कौन से हैं?
लिंगराज मंदिर रोड स्टेशन (२.४ कि.मी.)
भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन (५.१ कि.मी.)
सरकत्रा रेलवे स्टेशन (५.८ कि.मी.)
प्रश्न २३. लिंगराज मंदिर के पास सबसे नजदीकी हवाई अड्डा कौन सा है?
बिजू पटनायक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (BBI) मंदिर से ४.५ कि.मी. दूर स्थित है। कार द्वारा लगभग १० मिनट में पहुँचा जा सकता है।

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